Didierea (Baillon 1880) पेड़ जैसी संरचना वाले पौधे जिनमें मोटे तने होते हैं और वे कॉडेक्स बनाने की प्रवृत्ति रखते हैं, जिनमें पानी संग्रह करने की अद्भुत क्षमता होती है। इनके काँटे काफी लंबे होते हैं और पत्तियाँ, पतली व लंबी, सूखे मौसम के दौरान झड़ जाती हैं। ये द्विअंगी पौधे होते हैं। शब्दोत्पत्ति: चार्ल्स डिडिएर, लेखक और यात्री के सम्मान में।मूल स्थान: मेडागास्कर, दक्षिण-पश्चिमी शुष्क वन।