Cylindrophyllum comptonii (L.Bolus1932.) इसमें छोटे तने होते हैं जो लगभग छिपे रह सकते हैं। इसके पत्ते आमने-सामने, लंबे और मांसल होते हैं, जिनका अनुप्रस्थ काट बेलनाकार होता है, सतह चिकनी और हरे-नीले रंग की होती है। पत्तों में एक विशिष्ट गुहा में तरल पानी का भंडार होता है। यह गहरे पीले रंग के बड़े फूल पैदा करता है। फल एक छोटा कैप्सूल होता है जो नमी की उपस्थिति में खुल जाता है। शब्दोत्पत्ति: डी. रॉबर्ट हेरोल्ड कॉम्प्टन के सम्मान में।मूल स्थान: केप प्रांत, दक्षिण अफ्रीका में।