Kleinia (Mill. 1754) इसमें मांसल तने होते हैं, और यह विभिन्न आकारों की पत्तियाँ प्रस्तुत कर सकता है। प्रजाति के अनुसार इसकी वृद्धि की आदत झाड़ीदार या लटकती हुई हो सकती है। ये सूखे के प्रति बहुत प्रतिरोधी हैं और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी की आवश्यकता होती है। फूल आमतौर पर हल्के रंगों के सिरकापुष्प में समूहित होते हैं। इसका सिनेसियो जीनस के साथ घनिष्ठ संबंध है, जिसमें इसने कई प्रजातियाँ स्थानांतरित की हैं और जिनसे इसने विभिन्न प्रजातियाँ शामिल की हैं। शब्दोत्पत्ति: डी. जैकब थियोडोर क्लेन के सम्मान मेंमूल स्थान: पूर्वी और दक्षिणी अफ्रीका मेडागास्कर और कोमोरोस सहित
Plectranthus (LHér. 1788) छोटे और मांसल पत्तों वाली रेंगने वाली प्रकृति की वनस्पतियाँ। इनमें अपने रास्ते में आने वाली हर चीज़ को ढकने की प्रबल प्रवृत्ति होती है। ये अर्ध-छायादार स्थान और समशीतोष्ण तापमान पसंद करती हैं। इन्हें अक्सर सजावटी हाउसप्लांट के रूप में उपयोग किया जाता है। इसकी कई प्रजातियों को सामान्य भाषा में "मनी प्लांट" या "मनी फ्लावर" कहा जाता है। पौधे और उसके नाजुक फूल दोनों ही बेहद आकर्षक लगते हैं। शब्दोत्पत्ति: यूनानी शब्द "प्लेक्ट्रॉन" (प्रेरणा) और "एन्थोस" (फूल) से, क्योंकि इसके फूल का कुछ हिस्सा प्रेरणा (स्पर) जैसा दिखता है।मूल स्थान: दक्षिणी गोलार्ध के गर्म या समशीतोष्ण क्षेत्र जैसे ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, इंडोनेशिया और भारत।
Senecio (L. 1753) शब्दोत्पत्ति: लैटिन शब्द 'सेनीक्स' से, जिसका अर्थ 'बूढ़ा' है, क्योंकि कई प्रजातियों में सफेद या धूसर रंग होता है।